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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में नेचुरोपैथी दिवस पर ध्यान शिविर का किया गया आयोजन, प्रकृति के नजदीक रहने पर दिया गया जोर

10:16 AM Nov 19, 2022 IST | doonprimenews
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में नेचुरोपैथी दिवस पर ध्यान शिविर  का किया गया आयोजन  प्रकृति के नजदीक रहने पर दिया गया जोर
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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में 18 नबम्बर को मनाया गया प्राकृतिक चिकित्सा दिवस
आईएनओ एवं योग विभाग ने मिलकर आयोजित की कार्यशाला

देहरादून। दिनांक 18 नबम्बर 2022 को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय एवं इंटरनेशनल नेचुरौपैथी ऑर्गनाईजेशन के संयुक्त तत्वावधान में प्राकृतिक चितित्सा दिवस मनाया गया। जिसमें प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के माध्यम से छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य रक्षण की विधियां बताई गई एवं ध्यान कार्यशाला का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं को योग निंद्रा का अभ्यास भी कराया गया।

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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत आईक्यूएसी सेल, योग विभाग एवं आईएनओ के संयुक्त तत्वावधान में नेचुरोपैथी दिवस के अवसर पर दो दिवसीय योग कार्यशाला का आयोजन किया गया।

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इस अवसर पर श्री गुरु राम राय विश्वविद्याल के मानविकी एवं सामाजिक संकाय की डीन एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गनाईजेशन की प्रदेश अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सरस्वती काला ने छात्र-छात्राओं को जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि पंच तत्वों के असंतुलन से शरीर में रोग उत्पन्न होते हैं। पंच तत्वों के संतुलन से हम स्वस्थ रह सकते हैं। पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश से निर्मित हमारा शरीर जितना इनके (प्रकृति) करीब रहेगा उतना ही स्वस्थ और संतुलित रहेगा। प्रकृति और प्राकृतिक चिकित्सा न केवल मनुष्यों को रोगों से लड़ने के योग्य बनाती है बल्कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए सरल एवं सुलभ उपाय भी है। भारत सरकार का आयुष विभाग स्वयं इसे बढ़ावा दे रहा है। 18 नवम्बर को प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाया जाता है।

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योग विभाग के सहायक प्रोफेसर (डॉ.) अनिल थपलियाल ने इस मौके पर छात्रों एवं शिक्षकों को मेडिटेशन के फायदों के बारे में बताते हुए कहा यह जीवन को सहज, तनावमुक्त और संतुलित बनाता है। ध्यान से तनाव और चिंता दूर होते हैं। मनुष्य अपने भीतर की यात्रा करता है। वह समाज के बाह्य स्वरूप से मुक्त होकर आत्म स्वरूप के दर्शन करता है। वह अशांति से दूर होकर अपने भीतर के शांत स्वरूप और एकांत चित की ओर अग्रसर होता है। इसलिए हर व्यक्ति को प्रत्येक दिन ध्यानयोग जरूर करना चाहिए। असल में यह हमारे जीवन जीने की पद्धति होनी चाहिए। कार्यक्रम में डीन स्टूडेंट्स वेल्फेयर प्रो. (डॉ.) कंचन जोशी ने कहा हम योग और प्रकृति के जितने करीब रहेंगे रोगों से उतने ही दूर रहेंगे। इस मौके पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्रमुख प्रो. (डॉ.) आशीष कुलश्रेष्ठ, स्कूल की आईक्यूएसी सेल की ओर से एसोसियेट प्रोफेसर डॉ. सागरिका दास, डॉ. सविता पाटिल, डॉ. एसपी रयाल, डॉ. सुनील कुमार श्रीवास, विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्ष, समन्वयक, फैकल्टी मेंबर एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

प्रोफेसर सरस्वती काला सम्मानित

देहरादून। दिनांक 18 नवम्बर को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय की डीन प्रो. (डॉ.) सरस्वती काला को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं नवयोग समिति द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनको प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के क्षेत्र में किये गए योगदान के लिए प्रदान किया गया। प्रो. सरस्वती काला विगत 25 वर्षों से निरंतर योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के लिए कार्य कर रही हैं और हजारों रोगियों को स्वास्थ्य लाभ दे चुकी हैं।

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